आसमान में खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: 'विमान क्रैश कराना था, मौत से डर नहीं लगता'; फ्लाईदुबई के को-पायलट ने उगला सच
वॉशिंगटन: आसमान में सैकड़ों मुसाफिरों की जान जोखिम में डालकर विमान को आत्मघाती तरीके से क्रैश कराने की रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। दुबई जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने सऊदी जांचकर्ताओं के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बेखौफ होकर स्वीकार किया कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था और उसे अपनी मौत का बिल्कुल डर नहीं है।
जांच में सामने आया कि हम्माम ने कॉकपिट में ही रखी इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार पर पीछे से अचानक वार कर दिया था ताकि वह विमान का नियंत्रण छीन सके। हालांकि, लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने अदम्य साहस दिखाते हुए विमान पर से नियंत्रण नहीं खोया और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली। अब यूएई, सऊदी अरब और इजराइल की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले में आतंकी साजिश के एंगल से गहराई से जांच कर रही हैं।
नमाज पढ़ने के बहाने उठा और कर दिया हमला
इस बहादुरी के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की और उन्हें 'दुनिया का सच्चा हीरो' करार दिया। कैप्टन स्मित ने बताया कि उड़ान के दौरान को-पायलट कॉकपिट में ही नमाज पढ़ने के लिए सीट से उठा और पीछे गया। नमाज पूरी होते ही उसने बिना किसी चेतावनी के अचानक कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। पीएम नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की ऐतिहासिक मशाल जलाने का विशेष न्योता भी दिया है।